सहानुभूति

रामायण के अर्थ कुछ बदल रहे
रावण की अच्छाई के चर्चे हो रहे

महान भक्त था रावण, ये स्वीकार करना चाहिये
पर रामजी का शिवसमर्पण भी समझना चाहिये
स्वार्थ को छोडे बिना क्या भक्ती हो सके?
अहंकार के बादल भक्ती को ढक लिये
रावण की अच्छाई के चर्चे हो रहे

राम भरत के लिये अयोध्या राज्य छोडता है
पर रावण अपने भाई को अपमानित करता है
राज्य और परिवार को युद्ध में झोंक दे
पर बहन के लिये किया सीताहरण, ऐसा कहे
रावण की अच्छाई के चर्चे हो रहे

ये सहानुभूति सत्य को छुपा रही है
दुर्जनोंके दुर्गुणोंको माफ कर रही है
दुष्कर्म और दुर्भाग्य की हो रही मिलावटें
अब हमारा कार्य है, सत्य को जान ले
रावण की अच्छाई के चर्चे हो रहे

© भूषण कुलकर्णी

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